सासाराम



सासाराम ,सहसराम , या सहस्त्रराम
जैसे नाम ऐतिहासिक है वैसा ही शहर भी । 
शहर पुराना , लोग पुराने, नया जमाना ,नए जवान इस शहर की चमक भी अज़ीब है । छोटा सा इतराता हुआ शहर। एक रोड के किनारे बसा हुआ। शहर की लाइफ लाइन जी टी रोड।।
चलिए लोगो से पूछते हैं की शहर किसका है।
एक कांग्रेसी बोले,, बचवा ई शहर जगजीवन बाबू के ह । अब उनकर बेटी मीरा कुमार बाड़ी।
हा हा हा 
अब चलिए 
एक भाजपाई बोले ,, इ शहर बहुत पुराण बा। परशुराम और सहस्त्रबाहु के नाम से इ शहर बसल बा। पहिले एकर नाम सहस्त्रराम रहे धीरे धीरे सासाराम भइल ।
केजरीवाल के चमचो से पूछा गया, तो बोले, 
शेरशाह का शहर है, शेरशाह की धरती पर आपका स्वागत है , अभी तक अमन और चैन कायम है,, लेकिन गड़बड़ा रहा है।। 
ई लीजिये । सबका रोटी सेका गया।
इन सबसे दूर इस शहर से परे माँ ताराचंडी धाम है ।जो की बहुत पुराना शक्तिपीठ है। इस धाम के बारे में मान्यता है की ये दुसरे कल्प का शक्तिपीठ है। क्योंकि इस कल्प के शक्तिपीठो में इसका उल्लेख नही। जाहिर है लाखो वर्ष पुराना यह शक्ति पीठ रोहतास की पहाड़ियों जो की विंध्य पर्वत श्रृंखला की अंतिम कड़ियाँ हैं पर स्थित है। विंध्य जो की प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है ।
वैसे रोहतास का नाम सत्यवादी हरिश्चंद्र के बेटे रोहिताश्व के नाम पर पड़ा है पर क्या करे सत्य का सूरज ढाल चूका है।। झूठ की राजनीति हो रही है।। 
अस्तु, इस शहर को माँ ताराचंडी की धरती कही जाये तो प्रेमी जनो को कोई आपत्ति नही होनी चाहिए।
जय माँ तारा।
अमिताभ 

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