सामने घाट, वाराणसी के मृत्युंजय महादेव मंदिर के सीढ़ियों पे बैठा हुआ था ! पिछले साल की…
साहेब बड़े वाले अंडभक्त हैं ! हालांकि उन्होंने मुझे पिछली बार ब्लाक कर दिया था खुद …
हुआ यूँ की आज सबेरे जगकर जब मैं अंगडाई ले रहा था तो कुछ अजीब सा फील हुआ ! पुरे शरीर …
गत वर्ष के ३१ दिसम्बर को बक्सर जेल में कोहराम मच गया जब पांच सजायाफ्ता कैदी जेल से फर…
प्रिय मित्र पिछली बार तुमने झिड़क दिया था मुझे ! कहा था ,धर्म क्या है! "धर्म कुछ…
जी हां , इस ज़माने में साहित्य दोयम दर्जे पर है , कविता , कहानियों , उपन्यास और व्यंग …
आदिवासी का अर्थ है आदिम निवासी . पुराने लोग जो मानव सभ्यता से दूर हों. हिन्दू आदिवासि…
सिक्किम के लोकगीत पर एक खूबसूरत लड़की का डांस : सच है भारत का नार्थ…
ये कहानी एक ऐसे लड़के की है जो बहुत ही भोला है, अकेले रहना उसे अच्छा लगता है या यू…
जरा रुको , मेरी बात तो सुनो। आज की सुबह कितनी सुहानी है। जरा अंगड़ाई तो लो। चलो, बा…
कभी कभी मैं सोंचता हूँ आज के ५० साल बाद क्या होगा? जब हमारा कोई गाँव न होगा ! न हों…
कविता बनती है उनींदे अवचेतन मन में , कविता बनती है ज्यों सर…
इसका बोध उसे तब हुआ जब वो पुराने हॉस्टल के उस कोने में उस बिस्तर के पास अकस्मात…
सासाराम ,सहसराम , या सहस्त्रराम जैसे नाम ऐतिहासिक है वैसा ही शहर भी । शहर पु…
सर्दियों का मौसम शुरू हो गया है .. कल्पना करें एक प्यारी सुबह हो। गुनगुनाती धुप ज…
एक फौजी का स्वप्न मेरे भाई भी फौज में हैं। ये लेख उन्ही को समर्पित है। उसक…
social
सामने घाट, वाराणसी के मृत्युंजय महादेव मंदिर के सीढ़ियों पे बैठा हुआ था ! पिछले साल की…
Social Media