साहेब बड़े वाले अंडभक्त हैं ! हालांकि उन्होंने मुझे पिछली बार ब्लाक कर दिया था खुद की मानसिक शांति के लिए ! फिर भी ये खबर किसी तरह उड़ते पड़ते उन तक पहुँच ही गयी ! किसी ने साहेब के कान भर दिए, की पंडित जी कांग्रेसी हो गये ! आजकल मोदीजी और भाजपा के विरोध में पोस्ट डाल रहे हैं ! साहेब ने आनन् फानन में मीटिंग बुलाई! "अमिताभ मिश्र" के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया ! उन्होंने मीटिंग में आज तक का सर्वोत्तम भाषण दिया ! बोले- अमिताभ जी बहुत बड़े राष्ट्रवादी थे ! उनकी पोस्ट पढने से हिंदुत्व की भावना जगती थी ! आज उनकी मानसिकता कांग्रेसी हो गयी है ! ये पंडित जातिवादी हो गया है ! अब ये हिन्दू हिन्दू नहीं जपता ! लेकिन इस पंडित के कारण हम अपनी एकता को नहीं तोड़ेंगे ! आप लोग मेरा साथ दीजिये , फेसबुक पर जितनी भी क्रांति की है उस पराक्रम की कसम पंडित अमिताभ मिश्र की ईंट से ईंट बजा देंगे ! " ये देश नहीं लुटने दूंगा , ये देश नहीं बंटने दूंगा ! "
ये कहकर चाणक्य की तरह शिखा खोलने लगे पर सर गंजा होने के कारन हाथ छटककर नीचे आ गया ! तुरंत साहेब जिंदाबाद के भीम नारे लगने लगे !
सुबह सुबह मेसेज मिला !~ मूड ख़राब हो गया ! अभी तो बिस्तर पर लेटा ही था ! रात की खुमारी नस नस में भरी हुई थी ! आँखें प्रियतमा की प्रतीक्षा में रात भर सोयी न थी , अस्तु गुलाबी हो रही थी और जम्हाईयों से खुद में ऑक्सीजन भर रहा ही था की मेसेज देख कर खून खौल गया ! इतना भीम क्रोध आया की मत पूछो ! जैसे समुद्र द्वारा टिटहरी के अंडे न लौटने पर अगस्त्य मुनि ने समुद्र को तीन घूँट में पी लिया था , भीम कसम से वैसी ही फीलिंग्स आ रही थी ! कल तक मेरे पोस्टों को कॉपी पेस्ट करने वाले साहेब ने मुझे डोज देने के लिए बुलाया ये मेरे लिए असहय था !
स्नान ध्यान से निवृत होकर , शिखा बांधकर , मैंने मीटिंग रूम में कदम रखा ! यकीन मानिये मेरे विरोधियों के bp में भीम बढ़ोतरी हुई होगी ! कातर नज़रों से मुझे देख रहे थे जैसे कह रहे हों "ऑफिस में गर रहना है , साहेब साहेब कहना होगा !"
और मैं भी अपनी चिर परिचित मुस्कान के साथ उनके पिछवाडों में भीम अग्नि प्रज्वलित करता हूया बैठ गया !
"घुप्प शांति छा गयी "
साहेब ने खुजली और पप्पू को गन्दी सी गाली दी और मुझसे पूछा .. पंडित जी कितने पैसे लिए आपने इन भ्रष्टाचारियों से !! आजतक मोदी के साथ थे आज मोदी के खिलाफ हो गये !(आपको भी १५ लाख चाहिए) सच है ब्राह्मण जात का भरोसा नहीं ! एकदम लालची होते हैं आप लोग ! गोबर पर का पैसा उठाते हैं ! मौका परस्त हैं आपलोग !;;'''
साहेब को ब्राह्मण से जितनी नफरत थी सब उलटी कर दी ,,,( हालाँकि उनके अंतरमन में उस पंडित का चेहरा बार बार आ रहा था जिसने पूजा करवाकर कम दक्षिणा लेने से मना कर दिया था , और आज तक नही आया था, ).. रूम में ब्राह्मण विरोध की बदबू फ़ैल गयी ! अब क्रोध दिखाने का सही वक़्त था ! सनातन धर्म खतरे में आ गया था !
"पूर्व काल में जब सब जगह सनातन धर्म था , तब हर जगह शंख की ध्वनि सुनाई देती थी , तब गाली जैसा कुछ नहीं था ! तब तुम्हारे जैसे कुछ लात्खोरों को लोग, कुत्ता, नीच , नास्तिक जैसी उपाधियाँ देते थे ! माँ और बहने पूज्य थीं !
कालांतर में पाप बढ़ा ! कलियुग आया ! ऋषि भूमि भारत से बहुत दूर एक बालू के टीले पर पहली बार एक बच्चे का काटा गया ! उसके बाद बहुतों के काटे गये ! फिर एक रोज उन्हें बताया गया की वो किसी भी दुसरे की मां और बहन के साथ स्वतंत्र हैं और जब चाहे तीन तबडाक देकर छोड़ सकते है ,, परंपरा शुरू हो गयी !
सब लोग बड़े चाव से कथा सुन रहे थे ! साहेब से रहा नहीं गया , बोले - आगे क्या हुआ पंडित जी !
मैं बोला - दो बालक टीले पर खेल रहे थे किन्ही कारणों से दोनों में कहा सुनी हो गयी , एक ने माँ....... दूसरे ने बह........ इस तरह वो अपनी इच्छा जाहिर करने लगे ! तभी दोनों के परिवार आ गए और सभी गलियों से एक दुसरे का सत्कार करने लगे ! इस तरह उन दोनों परिवारों में सालों तक लड़ाइयाँ होती रहीं ! दोनों का लाक्षय किसी तरह अपने कबीले को बढ़ाना था ! कालांतर में ये कबीला भारत में धक्का मुक्की करने लगा ! और फिर हम हज़ार सालों से इन गालियों लो सुनते सुनते सीख गए !
कान खोल कर सुन लो ! आज के बाद अगर किसी ने माँ बहन की गाली दी तो वो सनातनी रक्त नहीं , कटुआ ! कटुआ ! कटुआ !
और मैं भी अपनी चिर परिचित मुस्कान के साथ उनके पिछवाडों में भीम अग्नि प्रज्वलित करता हूया बैठ गया !
"घुप्प शांति छा गयी "
साहेब को ब्राह्मण से जितनी नफरत थी सब उलटी कर दी ,,,( हालाँकि उनके अंतरमन में उस पंडित का चेहरा बार बार आ रहा था जिसने पूजा करवाकर कम दक्षिणा लेने से मना कर दिया था , और आज तक नही आया था, ).. रूम में ब्राह्मण विरोध की बदबू फ़ैल गयी ! अब क्रोध दिखाने का सही वक़्त था ! सनातन धर्म खतरे में आ गया था !
"अबे कटुए चुप कर " तू मन की बात नही जो सिर्फ बोलेगा और मैं सुनूंगा ! तू ब्राह्मण द्रोही है , और कटुओं सी बातें करता है ! तू सनातन रक्त का हो ही नहीं सकता !
सभी कर्मचारी एक स्वर में बोले ! पर साहेब तो भीम सनातनी हैं !
मैं गरजा- अभी इसने खुजली और पप्पू को भीम गाली दी तो ये कटुआ हुआ की नहीं !
सबके मुह खुले के खुले रह गए !
बोले- गाली देने से कोई कटुआ हो जाता है क्या ? कोई नया शोध किये हैं पंडित जी !
मैंने कहा - गहरी साँस लो और ध्यान पूर्वक कथा सुनो !
कालांतर में पाप बढ़ा ! कलियुग आया ! ऋषि भूमि भारत से बहुत दूर एक बालू के टीले पर पहली बार एक बच्चे का काटा गया ! उसके बाद बहुतों के काटे गये ! फिर एक रोज उन्हें बताया गया की वो किसी भी दुसरे की मां और बहन के साथ स्वतंत्र हैं और जब चाहे तीन तबडाक देकर छोड़ सकते है ,, परंपरा शुरू हो गयी !
सब लोग बड़े चाव से कथा सुन रहे थे ! साहेब से रहा नहीं गया , बोले - आगे क्या हुआ पंडित जी !
मैं बोला - दो बालक टीले पर खेल रहे थे किन्ही कारणों से दोनों में कहा सुनी हो गयी , एक ने माँ....... दूसरे ने बह........ इस तरह वो अपनी इच्छा जाहिर करने लगे ! तभी दोनों के परिवार आ गए और सभी गलियों से एक दुसरे का सत्कार करने लगे ! इस तरह उन दोनों परिवारों में सालों तक लड़ाइयाँ होती रहीं ! दोनों का लाक्षय किसी तरह अपने कबीले को बढ़ाना था ! कालांतर में ये कबीला भारत में धक्का मुक्की करने लगा ! और फिर हम हज़ार सालों से इन गालियों लो सुनते सुनते सीख गए !
कान खोल कर सुन लो ! आज के बाद अगर किसी ने माँ बहन की गाली दी तो वो सनातनी रक्त नहीं , कटुआ ! कटुआ ! कटुआ !
और इतनी कथा सुनाकर बिना दक्षिणा की आस किये मैं चल दिया !
सुनने में आया है की देश में गाली देने वालों की संख्या घट गयी ! साहेब का प्रभाव ऑफिस में कम हो गया ! लोग उन्हें अमिताभ मिश्र से दूर रहने की नसीहते दे रहें हैं ! सुनने में आ रहा है की मेरा ये पोस्ट लिखने के साथ ही वायरल हो गया है ! भक्त किसी को गाली देने से परहेज कर रहें हैं !
धन्यवाद मित्रों अगर आपको ये ब्लॉग पोस्ट अच्छी लगी हो तो ब्लॉग को share मेरा हौसला बढ़ाएँ ! कोममेंट्स मे सुझाव दें की मैं और किन विषयों पर लिखूँ ! धन्यवाद !
सुनने में आया है की देश में गाली देने वालों की संख्या घट गयी ! साहेब का प्रभाव ऑफिस में कम हो गया ! लोग उन्हें अमिताभ मिश्र से दूर रहने की नसीहते दे रहें हैं ! सुनने में आ रहा है की मेरा ये पोस्ट लिखने के साथ ही वायरल हो गया है ! भक्त किसी को गाली देने से परहेज कर रहें हैं !
धन्यवाद मित्रों अगर आपको ये ब्लॉग पोस्ट अच्छी लगी हो तो ब्लॉग को share मेरा हौसला बढ़ाएँ ! कोममेंट्स मे सुझाव दें की मैं और किन विषयों पर लिखूँ ! धन्यवाद !


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