तुम प्यास जगाकर चली गयी ! तुम हाथ छुड़ाकर चली गयी ! मैं फिर भी मंदिर जाऊँगा . जो प…
सामने घाट, वाराणसी के मृत्युंजय महादेव मंदिर के सीढ़ियों पे बैठा हुआ था ! पिछले साल की…
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