भांग पीने के फायदे ! उज्जैन महाकाल यात्रा ! भांग छोड़ने के उपाय ! भांग का बीज !


 











उज्जैन महाकाल की ये यात्रा मुझे सदा स्मरणीय रहेगी ! ये यात्रा मैंने २०१३ में की थी इसलिय ज्यादा फोटो उपलब्ध नही हैं ! परन्तु इस यात्रा की यादें बहुत रोचक हैं ! संक्षिप्त में बताता हूँ ! 
भंग के दुकान के आगे मेरे दोनों दोस्त खड़े थे ! और महाकाल का प्रसाद पीने की जिद कर रहे थे ! मुझे नशे की कोई आदत नही थी ! तभी एक साधू जैसा आदमी आया और बोला की बेटा ये महाकाल का प्रसाद है डरो मत पी लो ! पीने में कोई हर्ज़ नही ! फिर जब भगवन महाकाल का नाम बीच में आ गया तो मैंने पी लिया ! 


3 बजे सुबह से कतार में खड़े थे करीब 10 बजे भगवन को जल चढाने का अवसर मिला ! सावन महीने की सोमवारी थी और भक्तो की भीड़ लगी हुई थी ! दर्शन करने के बाद हमलोग आये और वही कुछ खाकर महाकाल का प्रसाद यानि भंग पी ली ! ये यात्रा मुझे सदा याद रहेगी ! करीब आधे घंटे के बाद मुझे लगा की मेरा शरीर बिलकुल हल्का होने लगा ! दोस्तों की आवाज ऐसी लगती थी जैसे कोशों दूर से आ रही हो ! पलके झाप्काऊँ तो ऐसा लगता था जैसे आधे घंटे से आँखे बंद हो ! पूरा नशा चढ़ आया ! 


हमे भोपाल वापस जाना था पर ट्रेन के आने में 3 घंटे की देरी थी ! तो हमने शिप्रा नदी के किनारे घुमने का प्लान बनाया था ! पर इसी बीच में मुझे नशा चढ़ गया ! आँखे लाल होने लगी ! तब मैंने अपने मित्र विकास सिंह को रुकने का इशारा किया ! हमलोग रुके ! मैंने एक बेंच पर सो गया ! थोड़ी देर बाद मेरा दोस्त बिसलेरी की 10 बोतलो का पूरा पैक खरीद लाया ! अब वो लोग मुझे पिलाने लगे और मैं लगा उल्टियाँ करने ! पर जब भी उलटी होती मन कुछ हल्का हो जाता ! थोड़ी देर के बाद कुछ अच्छा  फील होने लगा ! तब हम लोग एक नीम्बू पानी वाले की दुकान पर गये ! दो गिलास निम्बू पानी पिया कुछ अच्छा लगा पर फिर मुझे मितली आई और बस उलटी ! 


बाद में पता चला की जिस भांग में भांग का बीज मिल जाता है वो कुछ जयादा ही नशीला हो जाता है ! खैर मैं तो महाकाल के सामर्थ्य के आगे हार गया ! अगर आपने भी भांग पिया हो और आपकी भी कुछ यादें हो तो कमेंट में जरुर बताएं ! अगर आपको ये ब्लॉग पोस्ट अच्चा लगे तो ब्लॉग को फॉलो करें अभी तक 75 लोग फॉलो कर चुकें हैं ! अपने दोस्तों के साथ मेरे अनुभव को शेयर करें मिलते हैं अगले पोस्ट में ! जय राम जी की !

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